विशलिस्ट का जादू - एक ऐसा ट्रिक जो आपके हज़ारों रुपये बचाएगा 1. इंट्रोडक्शन - कार्ट और विशलिस्ट में फर्क क्या है? विशलिस्ट का जादू जो आपके हजारों रुपये बचाएगा ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हमें दो बटन दिखाई देते हैं - पहला "Add to Cart" और दूसरा "Add to Wishlist" या "Save for Later". 90% लोग इन दोनों को एक ही चीज़ समझते हैं, पर इन दोनों में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है. कार्ट का मतलब है - "मैं इसे अभी खरीदना चाहता हूँ।" जैसे ही आप अपने कार्ट में कुछ डालते हैं, आप पर जल्दी से पेमेंट करने का प्रेशर होता है। कंपनी आपको बार-बार नोटिफ़िकेशन भी भेजती है - "आपका आइटम आपका इंतज़ार कर रहा है, इसे जल्दी से खरीद लें!" लेकिन Wishlist इसका बिल्कुल उल्टा है। Wishlist का मतलब है - "मुझे यह पसंद है, पर मुझे सोच समझ के खरीदना है"। Amazon, Flipkart, Myntra ने ये Wishlist का बटन बेवकूफ नहीं बनाया है। उन्हें पता है कि अगर आप ठंडे दिमाग से सोचेंगे तो आप समझदार फैसला लेंगे। कार्ट में जल्दबाजी, विशलिस्ट में समझदारी ये Wishlist का जादू ही है जो...